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D.r HIMANSHU SHARMA

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'शर्मदार को इशारा काफी है'

Posted On: 27 Aug, 2012 Others में

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एक पागल रोज सड़क चलते राहगीरों को पत्थर मारता था। एक दिन वह चुप-चाप शांत जा रहा था। किसी ने उससे कहा ‘आज तू बड़ा शांत है जो पत्थर नहीं फैक रहा, तब पागल ने कहा  ’मै तो भूल गया था, तुने मुझे याद दिला दी और फिर वह पत्थर फैकने लगा ।

रोज घोटालों का शोर उठता रहता है। जनता उस पागल की तरह भूलना चाहती है, परन्तु ‘घोटाले पै घोटाले ‘ जनता को आन्दोलन अनशन -घेराव करने को मजबूर कर रहे हैं, जनता उबल रही है।

पानी की बौछारों मे और डंडों की फटकारों में,

डटे हुए हम सीना ताने सत्ता के गलियारों में”।

अब जनता का सीधा लक्ष्य अर्जुन की ‘चिड़िया’ की आँख की तरह संसद और सरकार पर है ।-

“वत्स डिगन ना पाये लक्ष्य, हरि इच्छा अंतिम है यह”।

गुरु द्रोणाचार्य ने अर्जुन को सावधान कर दिया और अर्जुन ने लक्ष्य भेद दिया था ।
अन्ना, बाबा रामदेव, केजरीवाल तीनों अपने लक्ष्य को भेदने में लगे हैं । ज्यामिती का नियम है तीन बिंदु एक सीध मे हों और तीनों को मिला दिया जाय तो एक सीधी रेखा तैयार हो जाती है ,इसलिये ‘मिशन भ्रष्टाचार’, मिशन काला धन प्रगति पर हैं।सावधान जागते रहो ।
दोनों संसद सभा ठप्प हुई कोयला की दलाली में। जनता पूंछ रही है नेताओं क्या कमी रही संविधान बनाने में ।

नमस्ते जय हिंद

लेखक डॉo हिमांशु शर्मा(आगोश)

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17 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Himanshu Nirbhay के द्वारा
September 4, 2012

तुम ऐसे ही हमें याद दिलाते रहना सत्ता के गलियारों में| हम भी घोटाले करते रहेंगे बेशर्मी के उजियाले में| सर जी, उत्तम …अति उत्तम…

akraktale के द्वारा
August 28, 2012

अनुराग जी               सादर, सच है जनता को जागना ही नहीं चेतना भी होगा. ताकि वक्त आने पर वह फिर फेल ना हो जाए. छोटा और सुन्दर आलेख. बधाई. 

    annurag sharma(Administrator) के द्वारा
    August 29, 2012

    दुश्चक्र को समझाने के लिए धन्यवाद,,,

Mohinder Kumar के द्वारा
August 28, 2012

अनुराग जी, जय हो जलसों में भीड लगाने वालों की…सार्थक लेख के लिये बधाई.. कभी हमारी तरफ़ भी आईये (ईशारा)

    annurag sharma(Administrator) के द्वारा
    August 28, 2012

    दुश्चक्र को समझाने के लिए धन्यवाद,,,,

dineshaastik के द्वारा
August 28, 2012

अनुराग जी, सटीक एवं वास्तविक प्रस्तुति….

    annurag sharma(Administrator) के द्वारा
    August 28, 2012

    श्रीमान जी नमस्कार , सहमती के लिये आपका आभारी,,, धन्यबाद ,,,,,

nishamittal के द्वारा
August 27, 2012

सुन्दर उदाहरण के साथ राजनीति के दुश्चक्र को समझाने के लिए धन्यवाद

    annurag sharma(Administrator) के द्वारा
    August 28, 2012

    नमस्कारजी , सहमती के लिये आपका आभारी धन्यबाद ,,,,,

annurag sharma(Administrator) के द्वारा
August 27, 2012

सहयोग के लिये कोटि -कोटि धन्यबाद ,,,,,,,,,,

drbhupendra के द्वारा
August 27, 2012

इशारा तो शर्मदारो के लिए काफी है पर बेशर्मो के साथ यहाँ पर समस्या है..

    annurag sharma(Administrator) के द्वारा
    August 28, 2012

    श्रीमान जी नमस्कार , सहमती के लिये आपका आभारी,,, धन्यबाद ,,

phoolsingh के द्वारा
August 27, 2012

शर्मा जी नमस्कार,,,, बहुत ही सुंदर व्यखायं फूल सिंह

    annurag sharma(Administrator) के द्वारा
    August 27, 2012

    सहयोग के लिये कोटि -कोटि धन्यबाद

vikramjitsingh के द्वारा
August 27, 2012

सत्य वचन….प्रभु….. ऐसे ही मार्गदर्शन करते रहें….. सादर…..आदरणीय अनुराग जी……

    annurag sharma(Administrator) के द्वारा
    August 27, 2012

    सहयोग के लिये कोटि -कोटि धन्यबाद ,बिंदु फ़ैल चुके है अब तो रेखा बनने का इंतजार है साहब ,,,,,,,,,,


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